गुरूवार, 29 अक्टूबर 2026
ताज़ा
राजस्थान बोर्ड की 10वीं-12वीं कक्षा के सिलेबस में बड़ा बदलाव रेत से भरे ट्रक में लगी भीषण आग, दमकल ने मौके पर पहुंचकर आग पर पाया काबू जमीन के फर्जीवाड़े में एक साल बाद आरोपी गिरफ्तार विवाहिता ने फांसी का फंदा लगाकर अपने जीवन को किया समाप्त वृद्ध के साथ घर में घुसकर मारपीट करने के मामले चार भाईयों की जमानत याचिका कोर्ट ने खारिज की

फर्जी दस्तावेजों से इकरारनामा: फर्जी दस्तावेजों से इकरारनामा तैयार करने पर सात साल की सजा भारी जुर्माना

A Admin
|
29 October 2026, 10:00 AM
शेयर:
फर्जी दस्तावेजों से इकरारनामा तैयार करने पर सात साल की सजा भारी जुर्माना
khaosa

बीकानेर । अपर जिला एवं सेशन न्यायाधिश संया 6 ने गत दिनों अपराधिक अपील संया 61/2026 की सुनवाई करते हुए आरोपीमहेन्द्र कुमार व्यास और अरुण सिंह को कारावास और भारी जुर्माना से दंडित किया। साथ ही 9 अटूबर 2026 को एसीजेएम प्रथम के कोर्ट द्वारा सुनाए गए फैसले के विरुद्ध अपील की याचिका खारिज कर दी। प्रकरण के अनुसार आरोपियों परिवादी सुशील कुमार मोदी का मकान किराए पर लिया था जिसे किराया अधिकरण ने 7 मई 2023 को खाली करने का आदेश दिया अपील किराय अधिकरण में भी 22-10-2024 को तुरंत खाली करने के आदेश दिए। इस बीच कुर्की के भय से अरुण सिंह के एक फर्जी इकरारनामा तैयार किया जिस पर परिवादी के फर्जी हस्ताक्षर कर मकान स्वयं का होना बताया। सबूतों के अनुसार 16 अप्रैल 2026 को एडीजे नं. 07 ने फर्जी इकरारनामें के आधार पर रजिस्ट्री कराने का स्पेशिफिक परफोरमैस का दावा खारिज कर दिया। 20 जनवरी 2025 को एसीजेएम प्रथम ने फर्जी इकरारनामें के आधार पर कागजात तैयार करने पर आरोपी अरुण सिंह को सात वर्ष के कारावास एक लाख इयावन हजार का जुर्माना धारा 420, 467, 468, 471 व 120 बी में सुनाया। गवाह महेन्द्र कुमार व्यास को भी सात साल की सजा और भारी जुर्माना की सजा हुई है। उनकी अपील की अर्जी खारिज कर वारंट जारी किया गया।

ताज़ा खबरों के लिए हमसे जुड़ें

हमारे आधिकारिक सोशल चैनल से जुड़ें और हर महत्वपूर्ण खबर सबसे पहले पाएं।

इस खबर को शेयर करें:
शेयर करें: