बीकानेर। वाहन बेचने के बाद फाइनेंस की बकाया किश्तें नहीं चुकाने और वाहन मालिक को जेल भिजवाने की धमकी देने का मामला सामने आया है। गुसाईसर बड़ा निवासी मुखराम पुत्र कैलाशचंद जाट ने राधेश्याम बाना और ओमप्रकाश मेघवाल के खिलाफ धोखाधड़ी और धमकी देने के आरोप में पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाई है।परिवादी ने पुलिस को बताया कि टाटा प्रेमा वाहन उसके नाम रजिस्टर्ड था, जिसे उसने 17 जून 2026 को राधेश्याम बाना के पक्ष में बेच दिया था। इकरारनामे के अनुसार वाहन पर श्रीराम फाइनेंस कंपनी की 29 लाख 24 हजार रुपए की बकाया किश्तें वाहन खरीदने के बाद राधेश्याम बाना को 34 किश्तों में चुकानी थीं। परिवादी के अनुसार, आरोपी ने केवल तीन किश्तें जमा करवाईं और इसके बाद भुगतान बंद कर दिया। परिवादी ने वाहन के कागजात भी आरोपी को सौंप दिए थे। रिपोर्ट के मुताबिक, 19 सितंबर को परिवादी को बिहार ट्रांसपोर्ट से फोन आया। उसे बताया गया कि उसके वाहन में गेहूं का माल लोड किया गया था और चालक माल बेचकर चला गया है। इस पर परिवादी ने ट्रांसपोर्ट कंपनी को बताया कि वह वाहन बेच चुका है। इसके बाद उसने दोनों आरोपियों से संपर्क कर बकाया किश्तें जमा करवाने और दो-तीन दिन में वाहन अपने नाम करवाने की बात कही।परिवादी का आरोप है कि 21 सितंबर को आरोपियों ने उसे धमकी दी कि वे वाहन अपने नाम नहीं करवाएंगे और गाड़ी का इस्तेमाल अवैध काम में करेंगे। साथ ही उसे जेल भिजवाने की धमकी भी दी। पुलिस ने परिवादी की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर जांच एएसआई राजकुमार को सौंपी है।