बीकानेर, । सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से नवंबर में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत जिले भर में जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।अभियान की थीम नशे को ना, जीवन को हां कहें रखी गई है। इस दौरान विद्यार्थियों, युवाओं एवं आमजन को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी देने के साथ नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए जागरूक किया जाएगा।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के संयुक्त निदेशक श्री मनोज कुमार गहलोत ने बताया कि नवंबर के दौरान विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों, महाविद्यालयों, छात्रावासों एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 16 नवंबर को प्रातः 10.30 बजे जगदम्बा पीजी महाविद्यालय, खाजूवाला में नशे के विरुद्ध ई-संकल्प एवं वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित होगी। 17 नवंबर को प्रातः 9.15 बजे एकीकृत व्यसन पुनर्वास केन्द्र दंतौर व खाजूवाला में नशे से मुक्त हुए एवं हो रहे व्यक्तियों के साथ संवाद, काउंसलिंग सत्र तथा प्रविष्ट आवासियों के साथ योग कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इसी क्रम में 18 नवंबर को प्रातः 10.15 बजे राजकीय छात्रावास, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, बीकानेर में ई-संकल्प एवं पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। 19 नवंबर को प्रातः 10.30 बजे जिले के समस्त मान्यता प्राप्त राजकीय एवं निजी विद्यालयों तथा महाविद्यालयों में नशे के विरुद्ध पोस्टर, वाद-विवाद एवं स्लोगन प्रतियोगिताएं होंगी।
20 नवंबर को प्रातः 11.15 बजे दंतौर, खाजूवाला क्षेत्र के विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं हॉटस्पॉट सहित विभिन्न स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 23 नवंबर को प्रातः 10.15 बजे पीबीएम के व्यसन उपचार सुविधा केन्द्र में नशे से ग्रसित व्यक्तियों के लिए विशेष स्वास्थ्य परीक्षण एवं परामर्श शिविर लगाया जाएगा। वहीं 25 नवंबर को प्रातः 10.15 बजे जिले के समस्त मान्यता प्राप्त राजकीय एवं निजी विद्यालयों तथा महाविद्यालयों में पोस्टर, वाद-विवाद एवं स्लोगन प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी।इसके अतिरिक्त नवंबर माह में मुख्य कोचिंग संस्थानों (एलन, सिथेसिस, मोशन एवं कैरियर पॉइंट) में ई-संकल्प कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं हॉटस्पॉट स्थानों पर भी ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से जागरूकता गतिविधियां संचालित होंगी। इन कार्यक्रमों में ई-संकल्प, पोस्टर, वाद-विवाद एवं स्लोगन प्रतियोगिताओं के माध्यम से नशामुक्ति का संदेश दिया जाएगा।