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आठ बार रहे बार एसोसिएशन के अध्यक्ष: वरिष्ठ अधिवक्ता आरके दास गुप्ता का निधन, बीकानेर में शोक की लहर

A Admin
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27 October 2026, 08:19 AM
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वरिष्ठ अधिवक्ता आरके दास गुप्ता का निधन, बीकानेर में शोक की लहर
khaosa

बीकानेर। वरिष्ठ अधिवक्ता और श्रीकोलायत के पूर्व विधायक आरके दास गुप्ता का मंगलवार सुबह हार्ट अटैक से निधन हो गया। उनके निधन की खबर से बीकानेर के अधिवक्ता समुदाय सहित राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर छा गई। वे सोमवार को एक मामले की पैरवी के लिए जोधपुर गए थे। मंगलवार सुबह अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

दास गुप्ता के निधन पर केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल, पूर्व मंत्री डॉ. बीडी कल्ला, देवीसिंह भाटी, गोविंदराम मेघवाल, भंवर सिंह भाटी, विधायक सिद्धिकुमारी, ताराचंद सारस्वत, डॉ. विश्वनाथ, महापौर अनिल कल्ला, बार एसोसिएशन अध्यक्ष अजय कुमार पुरोहित, पार्षद मनोज विश्नोई सहित अनेक लोगों ने शोक व्यक्त किया।

आठ बार संभाली बार एसोसिएशन अध्यक्ष की जिम्मेदारी

आरके दास गुप्ता बीकानेर बार एसोसिएशन के आठ बार अध्यक्ष रहे। पांच दशक से अधिक समय तक वकालत करने वाले दास गुप्ता न्यायिक क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान रखते थे। वे बीकानेर के जनहित से जुड़े मुद्दों को अदालत में उठाते रहे। शहर में रेलवे क्रॉसिंग की समस्या को लेकर भी उन्होंने लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी। इस संबंध में उनकी याचिका जोधपुर हाईकोर्ट में विचाराधीन है।

आपातकाल में गए जेल, 1977 में बने विधायक

आरके दास गुप्ता का राजनीतिक जीवन भले ही लंबा नहीं रहा, लेकिन उनकी भूमिका उल्लेखनीय रही। आपातकाल के दौरान उन्हें जेल जाना पड़ा था। वर्ष 1977 में वे कोलायत विधानसभा क्षेत्र से विधायक निर्वाचित हुए। हालांकि, करीब ढाई साल बाद ही उन्होंने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उनका मानना था कि जिस उद्देश्य से वे राजनीति में आए थे, वह पूरा नहीं हो रहा था।

 

इसके बाद उन्होंने बीकानेर शहर विधानसभा सीट से भी चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें अपेक्षित जनसमर्थन नहीं मिला। चुनाव लड़ने के पीछे उनके लिए सैद्धांतिक मुद्दे प्रमुख रहे। बाद में उन्होंने सक्रिय राजनीति से दूरी बनाकर वकालत और जनहित से जुड़े मामलों पर ध्यान केंद्रित किया।

डूंगर कॉलेज से की थी स्नातक की पढ़ाई

आरके दास गुप्ता ने वर्ष 1964 में बीकानेर के डूंगर कॉलेज से बीए की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद वर्ष 1966 में राजस्थान विश्वविद्यालय से एलएलबी की डिग्री हासिल की। लंबे कानूनी अनुभव, जनहित के मामलों में सक्रियता और बार एसोसिएशन के अध्यक्ष के रूप में आठ बार जिम्मेदारी निभाने के कारण वे बीकानेर के अधिवक्ता समुदाय में सम्मानित स्थान रखते थे।

उनके निधन को न्यायिक और राजनीतिक क्षेत्र के लिए बड़ी क्षति माना जा रहा है। उनके जाने से बीकानेर ने एक ऐसे वरिष्ठ अधिवक्ता को खो दिया, जिन्होंने दशकों तक कानून और जनहित के मुद्दों पर अपनी सक्रिय भूमिका निभाई।

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