वाराणसी। लोकसभा चुनाव 2019 के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी से नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है। पीएम मोदी के नामांकन के दौरान जनता दल (यूनाइटेड) के अध्यक्ष नीतीश कुमार, शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे, अकाली दल के अध्यक्ष प्रकाश सिंह बादल समेत अन्य सहयोगी दलों के नेता भी साथ रहे । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नामांकन करने से पहले महिला प्रस्तावक के पैर भी छुए ।

इसके पहले मोदी ने बूथ कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन में मोदी ने कहा, मैं भी बूथ का कार्यकर्ता रहा हूं, मुझे भी दीवारों पर पोस्टर लगाने का सौभाग्य मिला है। क्करू ने कहा कि आज देश में लोग खुद कह रहे हैं कि फिर एक बार मोदी सरकार। इस बार पॉलिटकल पंडितों को काफी माथापच्ची करनी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि जनता मन बना चुकी है, ये इतिहास में पहला मौका है जब इस तरह का चुनाव लड़ा जा रहा है। हम सब कार्यकर्ता निमित्म मात्र हैं और जनता चुनाव लड़ रही है।

जनता 5 साल के अनुभव के आधार पर अनेक आशा, आकांक्षा लेकर हमसे जुड़ गई है। जनता ने पूरे देश के राजनीतिक चरित्र को बदल दिया है। पीएम ने कहा कि मैंने कभी ऐसा नहीं कहा कि अब मैं पीएम, पार्टी को समय नहीं दे पाऊंगा। उन्होंने कहा कि 5 साल में एक कार्यकर्ता के नाते पार्टी ने जितना भी समय मांगा तो मैंने मना नहीं किया। कार्यसमिति की बैठक में भी मैं बतौर कार्यकर्ता पूरा समय बैठा। प्रधानमंत्री ने कहा कि हम एक ग्वाले की तरह हैं, जो भारत माता की सेवा कर रहे हैं। पीएम बोले कि ये चुनाव सिर्फ मोदी नहीं लड़ रहा है, बल्कि ग्वाले लड़ रहे हैं। पीएम ने कहा कि मेरे भीतर के कार्यकर्ता को मैंने कभी मरने नहीं दिया। प्रधानमंत्री के रूप में मैं जो जिम्मेदारी निभा रहा हूं उसमें भी और एक सांसद के रूप में भी अपनी जिम्मेदारी के प्रति उतना ही सजग हूं। पीएम ने अपने संबोधन में कहा कि इस चुनाव के दो पहलू हैं, पहला काशी लोक सभा जीतना।

मेरे हिसाब से ये काम कल पूरा हो गया है। दूसरा काम अभी बाकी है वो है पोलिंग बूथ जीतना और एक भी पोलिंग बूथ भाजपा का झंडा झुकने नहीं देना है। उन्होंने कहा कि इस बार हमें मतदान के सभी रिकॉर्ड तोड़ देने हैं, मोदी कितने वोट से जीते ये मायने नहीं रखता। मैं गुजरात में चाहता था कि पुरुषों की तुलना में महिलाओं को मतदान 5 फीसदी ज्यादा होना चाहिए, लेकिन वाराणसी में इस बार ऐसा ही होना चाहिए।