बुधवार, 21 अक्टूबर 2026
ताज़ा
बीकानेर में पहली बार एक छत के नीचे होंगी पांच कथाएं, 22 दिसम्बर से पंच पावन कथा महोत्सव जनेश्वर भवन में पुष्करणा महिला स्वरोजगार मेला, पूर्व मंत्री डॉ. कल्ला ने किया अवलोकन वार्ड 73 में दीपक पारीक के समर्थन में उतरे बबलू पीर, बोले—दीपक हमारे भाई हैं एलन बीकानेर का परचम : राेहित सहारण ने ऑल इंडिया रैंक के साथ पहली और चित्रांश दाधीच ने दूसरी सिटी रैंक की हासिल  FIFA World cup: नॉर्वे से हार के बाद नेमार ने कहा अलविदा, अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल को कहा विदा

बीजेपी की वॉटर पॉलिटिक्स, यमुना जल के बहाने शेखावाटी साधने की तैयारी

A Admin
|
03 July 2026, 01:37 AM
शेयर:
बीजेपी की वॉटर पॉलिटिक्स, यमुना जल के बहाने शेखावाटी साधने की तैयारी

21 सीटों पर पार्टी चलाएगी जन जागरण अभियान

बीकानेर। यमुना जल समझौते के बाद अब प्रदेश बीजेपी शेखावाटी में मिशन मोड पर उतर चुकी है। पार्टी ने तय किया है कि सीकर, झुंझुनूं और चूरू जिले की सभी 21 विधानसभा सीटों पर विशेष जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। कार्यकर्ता गांव-गांव जाएंगे, चौपाल लगाएंगे और लोगों को बताएंगे कि इस समझौते से क्षेत्र को क्या-क्या फायदे होंगे. बीजेपी प्रदेश महामंत्री श्रवणसिंह बागड़ी का कहना है कि 32 वर्षों से पानी की समस्या झेल रहे शेखावाटी के लिए यह समझौता ऐतिहासिक साबित होगा और भाजपा इसे जनविश्वास से जोड़कर जनता के बीच ले जाएगी।
बगड़ी ने कहा कि कांग्रेस यमुना जल समझौते के नाम हमेशा शेखावाटी की जनता काे बरगलाने का काम करती रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शेखावाटी की इस पीड़ा को समझा और समझौते को अमलीजामा पहनाया।अभी चुनाव नहीं है, लेकिन मुख्यमंत्री ने जनता से जुड़े इस मुद्दे को जिस सहजता के साथ मुकाम तक पहुंचाया, उससे जनता में खुशी है। जनता मुख्यमंत्री का स्वागत करने के लिए आतुर है।
असल में बीजेपी यमुना के पानी के साथ ही शेखावाटी की पॉलिटिक्स पर भी नजर गढ़ाए हुए है। शेखावाटी हमेशा से बीजेपी के लिए चुनौतीपूर्ण इलाका रहा है। विधानसभा हो या लोकसभा या फिर पंचायत-निकाय चुनाव, यहां कांग्रेस का दबदबा लगातार बना हुआ है। ऐसे में बीजेपी नेताओं का मानना है कि पानी जैसा सीधा जनसरोकार वाला मुद्दा राजनीतिक समीकरण भी बदल सकता है। इसीलिए संगठन ने विकास और जनसंपर्क को साथ जोड़ते हुए जन जागरण अभियान तैयार किया है।

बीजेपी की इस वॉटर पॉलिटिक्स की सबसे बड़ी वजह हैं। वर्ष, 2023 विधानसभा चुनाव में 21 में से केवल 7 सीटें भाजपा जीत सकी, जबकि 13 सीटें कांग्रेस के खाते में चली गईं। वहीं, तीनों लोकसभा सीटों पर भी कांग्रेस का कब्जा है। यानी शेखावाटी आज भी राजनीति की क्रिकेट में बीजेपी की कमजोर पिच मानी जाती है। अब पार्टी मानती है कि अगर पानी का मुद्दा जनता तक प्रभावी तरीके से पहुंचा तो राजनीतिक माहौल बदल सकता है।

बीजेपी इसे विकास का बड़ा फैसला बता रही है, लेकिन राजनीतिक जानकार मानते हैं कि इसके पीछे चुनावी गणित भी साफ दिखाई देती है। शेखावाटी में बीजेपी को लंबे समय से अपेक्षित सफलता नहीं मिली है। ऐसे में पानी जैसे भावनात्मक और जनहित के मुद्दे के जरिए संगठन अपने लिए नई राजनीतिक जमीन तैयार करना चाहता है।

ताज़ा खबरों के लिए हमसे जुड़ें

हमारे आधिकारिक सोशल चैनल से जुड़ें और हर महत्वपूर्ण खबर सबसे पहले पाएं।

इस खबर को शेयर करें:
शेयर करें: