बीकानेर। समाज में बढ़ते नशे के अभिशाप को जड़ से समाप्त करने और युवाओं को सकारात्मक दिशा देने के उद्देश्य से एन.आर. असवाल चैरिटेबल संस्था एवं मनोचिकित्सक डॉ सिद्धार्थ असवाल के संयुक्त तत्वावधान में “मिशन रोशनी” अभियान शुरू किया जाएगा। इस अभियान के तहत 10 से 17 वर्ष तक के बच्चों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
डॉ सिद्धार्थ असवाल ने बताया कि मिशन रोशनी सामाजिक बदलाव की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य नशे के अंधकार में डूबे लोगों को मुख्यधारा से जोड़कर उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना है। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति के सपनों, परिवार और भविष्य को बर्बाद कर देता है, इसलिए समाज के सहयोग से ही इस समस्या से निपटा जा सकता है।
उन्होंने बताया कि बीकानेर में नशे की स्थिति चिंताजनक है। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार करीब 25 प्रतिशत आबादी किसी न किसी रूप में नशे का सेवन कर रही है। खासतौर पर 10 से 17 वर्ष के किशोरों में नशे की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ी है, जो चिंता का विषय है।
अभियान के तहत हर महीने स्कूल, कॉलेज और सार्वजनिक स्थानों पर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही पुलिस, प्रशासन, शिक्षा एवं चिकित्सा विभाग के सहयोग से अभियान को व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा। युवाओं को जोड़कर यूथ क्लब बनाए जाएंगे और नशा मुक्ति के लिए स्वयंसेवकों की टीम भी तैयार की जाएगी।
इसके अलावा प्रत्येक माह की 7 तारीख को निशुल्क नशा मुक्ति शिविर आयोजित किए जाएंगे, जहां जरूरतमंदों को दवाइयां एवं काउंसलिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। अभियान का लक्ष्य बीकानेर को नशा मुक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाना है।
