कौन बचाए प्रिंस विजय सिंह मेमोरिलय (PBM) अस्पताल की साख ?

बीकानेर। प्रिंस विजय सिंह मेमोरियल अस्पताल की अपनी एक अलग ही पहचान रही है। परन्तु इन दिनों कुछ ऐसे डॉक्टर्स की ड्यूटी लगाई गयी है जिन्हे मरीज के इलाज की चिंता न होकर दादागिरी (बॉसगिरी) का शोख है। इसी का खामियाजा सोमवार की सुबह पीबीएम में K वार्ड की है जंहा मरीज के परिजन वार्ड में ड्यूटी पर मौजूद लेडी डॉक्टर से ब्लड टेस्ट करवाने के लिए बात कर रहे थे उसी दरम्यान तू-तड़ाके करते हुए एक डॉ बॉसगिरि के लहजे से मरीज के परिजन से उलझ गया और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए मरीज के परिजनों को धमकाने लगा और गार्डों को कहा इन्हे बाहर फेंको। ऐसे में मरीज के परिजन ने धैर्य का परिचय देते हुए इस बदतमीजी का जवाब देना मुनासिब नही समझा । अगर इसकी जगह शहर के चर्चित परिवार का मरीज होता तो शायद किसी बड़े वाद विवाद की स्थिती या मारपीट की वजह बन सकती थी। वंही यह जो बदतमीजी कथित डॉ मोहित ने जिसके साथ कि वो प्रतिष्ठित मीडिया के प्रतिनिधि थे, जिसका डॉ मोहित को भलीभांति ज्ञान था लेकिन फिर भी बेशर्मी से तू-तड़ाके करता रहा । ऐसे में बड़ा सवाल है कि जब एक मीडिया के प्रतिनिधि से ऐसे बदतमीजी की जा रही हो तो भला आम नागरिकों का क्या हाल होगा। बहरहाल इस मामले को लेकर पीबीएम सुपरिडेंट डॉ परमिंद्र सिरोही, मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल मुकेश आर्य व सीनियर डॉ सुरेंद्र वर्मा को शिकायत की गई। सुपरिडेंट डॉ सिरोही ने कहां वे इस घटना से बेहद आहत हैं और इस मामले में डॉ. मोहित पर विभागीय कार्यवाही की जाएगी जिसके लिए जवाब तलब किया गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *