दिल्ली। लोकसभा व राज्यसभा आज अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। सदन में प्रतिपक्ष की मांग को नजर अंदाज कर दिया गया है। 3 अक्टूबर को लखीमपुर खीरी में किसानों की हुई मौत पर गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी को उनकी कथित संलिप्तता के लिए का इस्तीफे की मांग को अनदेखा किया है। वहीं विपक्षी पार्टियों की 12 राज्यसभा सांसदों के निलंबन को वापस लेने की मांग को नजर अंदाज करते हुवे संसद की कार्यवाही निर्धारित समय से 18 घंटे पूर्व अनिश्चितकाल के लिए स्थगित की गई है। शीतकालीन सत्र 29 नवंबर को शुरू हुआ था और इसके 23 दिसंबर तक चलने का कार्यक्रम था। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि संसद के शीतकालीन सत्र में व्यवधान के कारण 18 घंटे 48 मिनट से अधिक समय बर्बाद हुआ। हालांकि, महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा की गई और उन्हें मंजूरी दी गई। उन्होंने कहा कि सदन ने ओमिक्रोन, जलवायु परिवर्तन और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा की। राज्यसभा को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया है। सभापति वेंकैया नायडू ने कहा कि शीतकालीन सत्र में सदन का प्रदर्शन उम्मीद से कम रहा। उन्होंने कहा, ‘यह बेहतर हो सकता था। सभी को आत्मनिरीक्षण करने की जरूरत है कि क्या गलत हुआ। नियमों, विनियमों, प्रक्रियाओं और मिसालों को ध्यान में रखा जाना चाहिए था।’
लोकसभा व राज्यसभा में विपक्ष की मांगो को किया अनदेखा, दोनों सदन 18 घंटे पूर्व अनिश्चितकाल स्थगित
