बिना आदेश के फैसले से मचा हड़कंप
बीकानेर। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच प्रदेश में एलपीजी संकट गहराता जा रहा है, लेकिन अब हालात और उलझ गए हैं। राज्य में नए घरेलू गैस कनेक्शन नहीं दिए जा रहे। हैरानी की बात यह है कि इस रोक को लेकर न तो तेल मंत्रालय की ओर से कोई औपचारिक आदेश जारी हुआ है और न ही आम उपभोक्ताओं को इसकी स्पष्ट जानकारी दी गई है। गैस एजेंसियों पर कनेक्शन के लिए पहुंच रहे उपभोक्ताओं को सीधे मना किया जा रहा है या यह कहा जा रहा है कि फिलहाल नए कनेक्शन बंद हैं। ऐसे में जिन परिवारों को नए घरेलू कनेक्शन की जरूरत है, वे एजेंसियों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स फैडरेशन ऑफ राजस्थान ने इस स्थिति की पुष्टि की है। संगठन अध्यक्ष के मुताबिक अभी फिलहाल नए कनेक्शन नही जारी किए जा रहे हैं। हर महीने घरेलू एलपीजी कनेक्शन जारी होते थे, जो अब पूरी तरह रुक गए हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस तरह की रोक को लेकर उनके पास केंद्र सरकार या मंत्रालय की कोई आधिकारिक अधिसूचना नहीं आई है। 14 मार्च, 2026 से लागू अधिसूचना के अनुसार, केंद्र सरकार ने केवल उन घरों में नए एलपीजी कनेक्शन पर रोक लगाई है, जहां पहले से पाइप नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन मौजूद है। लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति इससे बिल्कुल अलग नजर आ रही है। बिना पीएनजी वाले घरों में भी कनेक्शन नहीं दिए जा रहे, जिससे सवाल उठ रहे हैं कि आखिर यह “अनौपचारिक रोक” किसके निर्देश पर लागू की जा रही है।
पूरे मामले में तेल कंपनियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। विशेष रूप से तीनों तेल कंपनियों के स्टेट लेवल अधिकारी की भूमिका को लेकर असंतोष सामने आया है।
आरोप है कि फील्ड की वास्तविक स्थिति को समझने और आमजन को जागरूक करने के बजाय अधिकारियों ने दूरी बना रखी है, जिससे भ्रम और बढ़ रहा है।
उपभोक्ताओं की बढ़ी परेशानी
नए घरों में गैस कनेक्शन नहीं मिलने से रसोई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। किराएदार और नए परिवार सबसे ज्यादा परेशान है। एजेंसियों के चक्कर लगाने के बावजूद समाधान नहीं हो रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि मिडिल ईस्ट में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण सप्लाई चेन प्रभावित हो सकती है, लेकिन बिना आदेश के कनेक्शन बंद करना प्रशासनिक पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है। एलपीजी संकट के बीच नया कनेक्शन बंद होना आमजन के लिए दोहरी मार बन गया है।
