बीकानेर, छह महीने में जयपुर रोड़ पर दो बड़े काम होने हैं। पहला, म्यूजियम सर्किल से हल्दीराम प्याऊ तक सड़क चाैड़ी हाेकर सिक्स लेन बनेगी। दूसरा शहर की बाहरी काॅलाेनियाें के लिए 2052 तक की आबादी के लिहाज से नई पाइप लाइन बिछेगी। हैरानी इस बात की है कि अभी हाई-वे चाैड़ा करने के लिए अंधाधुंध तरीके से खुदाई हा़े रही है, जिससे राेज पाइप लाइन टूट रही है। यूआईटी ने इस हाई वे से बिजली के खंभे और जमीन के नीचे केबल ताे शिफ्ट की लेकिन पाइप लाइन नहीं। सड़क काे सिक्स लेन बनाने के लिए यहां से बिजली के खंभे हटाने के लिए न्यास ने बीकेईएसएल काे पैसा दिया। अंडरग्राउंड केबल हटवाई जा रही, जबकि यूआईटी ने पीएचईडी काे पत्र लिख कर पाइप लाइन हटाने को कहा है। इस काम में 30 से 40 लाख रुपए खर्च हाेंगे। जयपुर रोड पर खुदाई शुरू होने से रोज पाइप लाइन टूट रही है। इस वजह से जयपुर रोड से सटी ज्यादातर कॉलोनियों में पेजयल की समस्या बनी हुई है। चिंता की बात ये है कि जैसे ही हाई-वे की सड़क बनकर तैयार हाेगी वैसे ही पीएचईडी का पायलट प्रोजेक्ट का काम शुरू हा़े जाएगा। उस वक्त लाइन बिछाने के लिए सड़क फिर से टूटेगी।

म्यूजियम तिराहे से हल्दीराम प्याऊ तक 18.72 करोड़ से चौड़ी होगी सड़क
पाइप लाइन शिफ्ट करने का बजट नहीं: पीएचईडी

नगर विकास न्यास ने जयपुर राेड से पाइप लाइन शिफ्ट करने के लिए पीएचईडी को पत्र लिखा है। अब रिमांइडर भी लिखा जा रहा है लेकिन पीएचईडी ने हाथ खड़े करते हुए कहा कि उसके पास इतना पैसा नहीं है। मामला कलेक्टर के समक्ष जाएगा। खबर है कि सरकार को पत्र लिखकर इसके लिए पैसे मांगे जाएंगे। दूसरी ओर ये भी कोशिश है कि पीएचईडी का पायलट प्रोजेक्ट के लिए जो पाइप लाइन बिछाई जानी है वो सड़क बनने से पहले बिछाने के लिए कहा जाएगा। पीएचईडी का पायलट प्रोजेक्ट साल 2052 तक की आबादी की प्यास बुझाने के लिए सरकार ने करीब 600 कराेड़ का प्रोजेक्ट मंजूर किया है। उसके तहत शहर में दाे नए जलाशय बनेंगे। 500 किमी नई पाइप लाइन बिछेगी। बड़ी लाइन जयपुर राेड हाई-वे से गुजरेगी। अगर सिक्स लेन पहले बन गया ताे पाइप लाइन बिछाने के लिए वापस सड़क खाेदनी हाेगी। म्यूजियम तिराहे से हल्दीराम प्याऊ तक की जयपुर रोड की चौड़ाई दोनों ओर अभी सात-सात मीटर है। इसे बढ़ाकर 10.50-10.50 मीटर कर दिया जाएगा। इसके अलावा सड़क के दोनों ओर बरसाती पानी के लिए डेढ़-डेढ़ मीटर का नाला भी बनेगा। सड़क के बीच में डिवाइडर बनेगा जिस पर मेथेमेटिकल और साइंस के मॉडल लगाए जाएंगे। डिवाइडर के दोनों ओर रेलिंग लगाकर उसका सौंन्दर्यकरण किया जाएगा। करीब पांच किमी 150 मीटर तक 6 लेन बनाने के लिए 18.72 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत है।