लोन किश्त भरने का दबाव नहीं बना सकते बैंक : अर्जुनराम

बीकानेर। अगर किसी ने सरकारी या निजी क्षेत्र में किसी प्रकार का लोन ले रखा है ओर उसकी कोरोना काल के दौरान किश्तें बकाया हो गई है तो इसके लिये लोन देने वाली संस्था किसी प्रकार का दबाव नहीं बना सकती। यदि ऐसा हो रहा है तो वह गलत है। यह बात केन्द्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान कही। उन्होंने कहा कि उन्होंने इस बात पर आश्चर्य जताया कि बजाज फाइनेंस सहित अनेक प्रकार के निजी क्षेत्र में लोन देने वाली संस्थाएं किश्तों की वसूली कर रहे है और दोहरे ब्याज की बात कर रहे तो इस संदर्भ में वे इस विषय पर केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर से बात करेंगे। आरबीआई ने सभी के लिए निर्देश हैं। उन्होंने कहा कि एनबीएफसी का कहकर कोई बैंक खुद को रियायत देने से अलग नहीं हो सकता। सभी बैंकों के लिए यह निर्देश है मानने ही पड़ेंगे। केन्द्र सरकार के एक वर्ष के कार्यकाल का ब्यौरा देते हुए मेघवाल ने कहा कि पिछले एक वर्ष में मोदी सरकार ने हर क्षेत्र में कल्याणकारी काम किये है। कोराना के कारण चल रहे लॉक डाउन के मद्देनजऱ केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम ने अपने साल भर के कार्य को ई-बुक के माध्यम से लॉन्च की है। सर्किट हाउस में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि किताब छपाना सम्भव नहीं था, इसलिए ई-बुक जारी की है। उन्होंने कहा कि फ्लोर मैनजमेंट का काम भी बड़ी चुनौती थी,क्योंकि इस वर्ष धारा 370, तीन तलाक व राममंदिर जैसे मुद्दे आये। जिनका निस्तारण करना मोदी सरकार की बड़ी उपलब्धि है।
बीकानेर की ये गिनाई उपलब्धियां
केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि बीकानेर की जनता से उन्होंने जो वादे किये उनको पहले वर्ष में पूरा करवाने का काफी हद तक प्रयास किया है। दुरून्तों एक्सप्रेस रेल सेवा का शुभारंभ करवाया।
अब रहेगा रोजगार पर फोकस
मेघवाल ने कहा कि आगामी वर्षों में बीकानेर में रोजगार की साधन बढ़ाने का ही लक्ष्य रहेगा। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र में रोजगारपरक संसाधन उपलब्ध करवाने के प्रयास किये जाएंगे। जिससे युवाओं को रोजगार मिल सके और आर्थिक स्तर पर सुदृढ़ हो सके। साथ ही श्रीडूंगरगढ के लखासर में फर्टिलाइजर के कारखाना लगने की घोषणा की है इससे क्षेत्र में युवा रोजगार से जुड़ सकेंगे। तथा हमारे क्षेत्र में कृषि क्षेत्र अत्यधिक होने से इसके सफल होने की बड़ी संभावनाएं भी नजर आ रही है। मेघवाल ने कहा कि श्रीडूंगरगढ़ के लखासर और हनुमानगढ़ के सतीपुरा में पोटाश के बड़े केंद्र मिले हैं। लखासर में जल्दी ही फर्टिलाइजर का कारखाना लगने वाला है।

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