युवक-युवती परिचय सम्मेलन आज की आवश्कता

बीकानेर। पुष्करणा समाज का युवक-युवती परिचय सम्मेलन किराडूओं की बगेची में हुआ। इस मौके पर राज्यभर के सजातिय बंधुओं ने भागीदारी निभाई। सम्मेलन की शुरूआत मां उष्टवाहिनी के पूजन से की गई। मंचस्थ संत लालबाबा,जनार्दन कल्ला,रामकिशन आचार्य,राजेश चूरा,महेश व्यास,मक्खन लाल व्यास,नंदकिशोर पुरोहित ने दीप प्रज्जवलित कर सम्मेलन का आगाज किया। कार्यक्रम में विचार रखते हुए जनार्दन कल्ला ने कहा कि आप समाज सेवा किसी भी रूप में कर रहे हैं। सभी की अपनी-अपनी सोच और तरीका होता है। कोई शिक्षा, विधवाओं, स्वास्थ्य, छात्र-छात्राओं की सहायता, धर्मशालाएं, मंदिर निर्माण, उद्योग व्यापार ऋण की योजना के माध्यम से समाज सेवा से जुडे हैं, परन्तु आज समाज की सबसे बडी ज्वलंत समस्या युवक-युवतियों के विवाह सम्बन्धों की है। जिसमें देखा देखी में काफी समय व धन खर्च होता है जबकि आज की व्यवस्तम जिंदगी में समय का अभाव होता है।
युवक-युवतियों का यह परिचय सम्मेलन का आयोजन सबसे बड़ी समाजसेवा है। संत लालबाबा ने कहा कि ने कहा विवाह योग्य युवक-युवती परिचय सम्मेलन एक ऐसा विस्तृत मंच है, जिस पर हर युवक-युवती को अपनी इच्छा से सर्वश्रेष्ठ जीवनसाथी चुनने का मौका मिलता है। रामकिशन आचार्य ने कहा कि परिचय सम्मेलनों में सैंकड़ों रिश्ते एक ही मंच पर आसानी से उपलब्ध होते हैं। इन रिश्तों में से मां-बाप अपने हिसाब से मनपसंद रिश्ता तय कर सकते हैं। समाजसेवी राजेश चूरा ने कहा कि परिचय सम्मेलनों के कारण दहेज प्रथा जैसी बीमारी पर भी कुछ हद तक काबू पाया जा सका है। परिचय सम्मेलनों ने गरीब-अमीर का फासला मिटाकर समाज को एकजूट करने का काम किया है। कर्मचारी नेता महेश व्यास ने कहा कि
इस आधुनिक युग में इस तरह के परिचय सम्मेलनों में रिश्तों को करवाना अपने आप में एक नई पहल है। इस अवसर पर बड़ी स्क्रीन पर विवाह योग्य युवक-यवती का जीवन परिचय प्रदर्शित किया गया।

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