अवैध खनन व रॉयल्टी वसूली को लेकर ट्रक ऑपरेटरों ने लगाया धरना.

बीकानेर। जिले में अवैध खनन व रॉयल्टी वसूली को लेकर ट्रक ऑपरेटरों ने हाइवे के किनारे धरना लगा दिया है और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे है। प्रभूदयाल गोदारा की अगुवाई में दिये जा रहे धरने में ट्रक ऑपरेटरों का आरोप है कि ठेकेदार द्वारा न तो खनिज विभाग की ओर से मान्यता प्राप्त पर्ची दी जा रही है। एक टोकन से पूरी लूट मचा रखी है। बजरी की खानों से रवन्ना नहीं दिया जा रहा है। यहीं नहीं बजरी की जगह सिलिका सेंड का रवन्ना दिया जा रहा है। जिससे राजस्व को नुकसान हो रहा है। ठेकेदार ने अपनी मनमर्जी कर सभी नियम कायदों को दरकिनार करते हुए लूट मचा रखी है,जिससे सभी ट्रक चालक परेशान है। हालांकि इस मुद्दे को लेकर पिछले दिनों नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने जिला कलेेक्ट्रेट का घेराव कर पड़ाव डाला था। तब संभागीय आयुक्त व आईजी ने आश्वस्त भी किया था कि व्यवस्था सुचारू की जाएगी। परन्तु अब तक मांगे नहीं मानी गई है। जिसके विरोध में यह धरना दिया गया है। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर दीपक शर्मा,सीओ सिटी पवन भदौरिया,सीओ गंगाशहर मुकेश सोनी,नयाशहर थानाधिकारी वेदपाल,मुक्ता प्रसाद थानाधिकारी अरविन्द भारद्वाज,नाल थानाधिकारी विक्रम सिंह,ट्रेफिक इंजार्च रमेश सर्वेटा भी मौजूद रहे।
दोपहर में भी संभागीय आयुक्त व जिला कलक्टर को सौंपा ज्ञापन उधर सोमवार दोपहर भी इन ट्रक ऑपरेटरों ने संभागीय आयुक्त कार्यालय व जिला कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर दोनों अधिकारियों को अलग अलग ज्ञापन सौंपा। नौरंगदेसर के छोगाराम तर्ड ने बताया कि जिले में पिछले दो साल से रॉयल्टी का ठेका हो रहा है। ठेके के उन्होंने कहा कि इस अवैध वसूली के विरोध में ट्रक यूनियन ने पिछले दो सालों में बार-बार आंदोलन किया। राजस्थान सरकार से लेकर यहां के स्थानीय मंत्रियों को अवगत करवाया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। ऐसे में अब फिर ट्रक यूनियन ने संघर्ष का मार्ग चुना और अबकी बार तय किया है कि जब तब मांग पूरी नहीं होगी तब तक आर-पार की लड़ाई लडेंगे, चाहे कुछ भी हो जाए।छोगाराम ने बताया कि ठेकेदार की इस लूट से ट्रक मालिकों के साथ-साथ आमजन पर भार पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि आरएलपी पार्टी के मुख्या हनुमान बेनीवाल के नेतृत्व में इस मुद्दों को लेकर वे चल रहे है। उन्होंन कहा कि पिछले दिनों बेनीवाल के नेतृत्व में अवैध वसूली को लेकर प्रशासन से वार्ता हुई थी, जिसमें जो आश्वासन दिये गए थे,पर कार्रवाई के नाम पर छलावा किया जा रहा है।

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