बीकानेर। महान् साहित्यकार कथा सम्राट मुंशी प्रेमचन्द की 140वीं जयंती के अवसर पर प्रज्ञालय संस्थान द्वारा उन्हें नमन करते हुए सृजनात्मक श्रृद्धांजलि हेतु एक पुस्तक लोकार्पण का आयोजन आज दोपहर सुकमलायतन रंगा कोठी में आज कोरोना काल के कारण नियमानुसार एवं बहुत ही सुक्ष्म में किया गया।
संस्था के राजेश रंगा ने बताया कि आज मुुंशी प्रेमचन्द को स्मरण करते हुए उनके सृजनात्मक महत्वपूर्ण योगदान की कड़ी में उनकी लोकप्रिय हिन्दी कहानी ‘‘ईदगाह’’ के नाट्य रूपान्तरण पुस्तक का लोकार्पण साहित्य की बाल पाठक कृतिका रंगा द्वारा किया गया।
ईदगाह कहानी का राजस्थानी में नाट्य रूपान्तरण करने वाले वरिष्ठ साहित्यकार कमल रंगा ने इस अवसर पर कहा कि यह कार्य राजस्थानी अनुवाद एवं बाल साहित्य के लिए सार्थक है। रंगा ने कहा कि ईदगाह कहानी महत्वपूर्ण कहानी है जो बालकों में बहुत लोकप्रिय है। ऐसे में इस कहानी का राजस्थानी में नाट्य रूपान्तरण होना राजस्थानी साहित्य के लिए एवं बाल पाठकों के लिए एक उपलब्धि है।
रंगा ने इस अवसर पर कहा कि मुंशी प्रेमचन्द जी को नमन करने का यह सृजनात्मक उपक्रम करते हुए मुझे एक सुखद अनुभूति हुई क्योंकि मुशी प्रेमचन्द की कहानियों के प्रति बालकांे में और अधिक रूचि हो साथ ही इसके मंचन के माध्यम से ईदगाह नाट्य रूपान्तरण की पहुंच अधिक से अधिक बालकों में हो सभी मेरे सृजन की सार्थकता होगी।
इस अवसर पर पुस्तक का लोकार्पण करने वाली बाल पाठक कृतिका रंगा ने नाटक के कुछ संवाद सुनाए व एक दो दृश्य भी अपने एकाकी अभिनय के माध्यम से प्रस्तुत किए।
इस अवसर पर कोरोना काल के सभी नियमों का पालन करते हुए 5-7 बच्चों की साक्षी में पुस्तक का लोकार्पण हुआ। जिसमें कनिशा, टिहा आचार्य, पीहु, स्नेहा आचार्य, मिनल गुनगुन, आदि उपस्थित थे। इन बच्चों ने ईदगाह के संवाद आदि का आनंद लिया और रोमांचित हुए।