अचानक धंसी सड़क, चलता हुआ ऑटो 25 फीट गहरे गड्‌ढे में गिरा

जयपुर। जयपुर में सचिवालय से एक किमी दूर चौमूं हाउस सर्किल पर शनिवार सुबह अचानक सड़क धंस गई। सड़क पर 25 फीट गहरा और 30 फीट चौड़ा गड्ढा हो गया। इसमें सड़क से गुजर रहा एक ऑटो गड्ढे में समा गया। इसमें ऑटो चालक और युवती घायल हो गई। हादसा सुबह 6 बजे हुआ। मौके पर मौजूद लोगों ने पुलिस को सूचना दी। हादसे के तुरंत बाद वहां एक सुरक्षा गार्ड और कुछ ऑटो चालक पहुंच गए। उन सभी ने रस्सी से युवती और ऑटो चालक को गड्ढे से बाहर निकाला। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।

शहर के जिस चौमूं हाउस सर्किल पर सड़क धंसी है वह बेहद व्यस्त सड़क है। यहां दिनभर में औसतन दोपहिया, कार, बसों समेत 50 हजार से ज्यादा वाहन गुजरते हैं। ऐसे में अगर यह हादसा पीक ऑवर्स में होता तो भयावह स्थिति हो सकती थी।

सड़क को फिलहाल लोगों के लिए बंद किया गया।

ऑटो स्टार्ट करने वाली रस्सियों को बांधकर युवती को बाहर निकाला
हादसे में घायल युवती का नाम रेखा कोटिया (28) है। वह सुबह सिंधिकैंप बस स्टैंड पहुंची। वहां से ऑटो में बैठकर घर जा रही थी। ऑटो सहकार रोड से होकर टोंक फाटक की तरफ जा रहा था तभी चौमूं हाउस सर्किल पर हादसा हुआ। कुछ सेकंड्स में धंसी सड़क से ऑटो चालक को संभलने का मौका ही नहीं मिला। ऑटो गड्‌ढे में समा गया।

हादसे के तुरंत बाद वहां नजदीक में ही चाय पी रहा एक गार्ड मौके पर पहुंचा। उसने देखा तो युवती और चालक गड्‌ढे के अंदर चिल्ला रहे थे। इस दौरान वहां कुछ और ऑटो चालक पहुंच गए। युवती और ड्राइवर को बाहर निकालने के लिए सभी ने ऑटो स्टार्ट में इस्तेमाल होने वाली 5-6 रस्सियों को जोड़ा। रस्सी को नीचे डालकर युवती और ड्राइवर को बांधकर बाहर निकाला। हालांकि, इस दौरान इस बात को लेकर सभी डरे थे कि कहीं सड़क का और हिस्सा न धंस जाए।

क्रेन से बाहर निकाला गया ऑटो
घायल युवती रेखा टोंक फाटक के पास मधुबन कॉलोनी की रहने वाली है। उसे इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। घटना की सूचना मिलने पर अशोक नगर थाना और दुर्घटना थाना दक्षिण पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद क्रेन से ऑटो रिक्शा को बाहर निकाला गया।

स्थानीय लोगों ने कहा- पेचवर्क करवा कर औपचारिकता पूरी करता है प्रशासन
जिस तरह से यह हादसा हुआ उससे स्थानीय लोग नाराज हैं। उनका कहना है कि सड़क पर गड्ढे होने पर अधिकारियों द्वारा सिर्फ ऊपर से पेच वर्क करके औपचारिकता पूरी कर दी जाती है। आज एक हादसा हुआ है, कल और भी हो सकते हैं। इसकी जांच होनी चाहिए।

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