जयपुर, राजस्थान के दक्षिण-पूर्वी हिस्से और मध्य प्रदेश में हो रही भारी बारिश के कारण कोटा संभाग में बहने वाली नदियां उफान पर है। कई बांध ओवर फ्लो हो गए। कोटा बैराज, जवाहर सागर समेत 4 बांधों के गेट खोलकर पानी छोड़ना शुरू कर दिया। मौसम विभाग ने शनिवार को 6 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। जयपुर में शुक्रवार को दाेपहर बाद एक बार फिर तेज बारिश हुई। पिछले 24 घंटे के दौरान सबसे ज्यादा बरसात 148MM (6 इंच) भीलवाड़ा जिले के जैतपुरा में हुई। इधर, कोटा में चंबल के कैचमेंट एरिया में बरसात के कारण यहां बने कोटा बैराज बांध के 8 गेट शुक्रवार को खोले गए, जिससे 58 हजार 646 क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा जा रहा है। कोटा के मंडाना, कानावास, चेचट समेत कई जगहों पर 3 से 4 इंच तक बरसात हुई। प्रतापगढ़ के छोटी सादड़ी, झालावाड़ के अकलेरा, मनोहर थाना, चित्तौड़गढ़ के गंभीरी डैम, भैसोड़गढ़, निम्बाहेड़ा, भीलवाड़ा के बिजौलिया, मांडलगढ़, बारां के शेरगढ़, अटरू में भी 2 इंच से ज्यादा बरसात हुई।

इन बांधों के गेट खोले
जल संसाधन विभाग के मुताबिक कोटा बैराज के 8, जवाहर सागर के 3 गेट से 48100, कालीसिंध के 6 गेट से 67855 और सोम कमला अम्बा बांध के 2 गेट से 1594 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। मध्यप्रदेश में हो रही तेज बारिश ने राजस्थान प्रशासन की टेंशन बढ़ा दी। चंबल नदी पर बने सबसे बड़े बांध गांधी सागर कैचमेंट एरिया में पिछले 2 दिनों से लगातार बारिश हो रही है। इससे बांध का गेज लगातार बढ़ रहा है। मध्य प्रदेश सरकार ने गांधी सागर के गेट खोलने का राज्य सरकार को अलर्ट जारी किया है। अगर गांधी सागर के गेट खुलते हैं तो चंबल का जलस्तर और बढ़ जाएगा, जिससे आस-पास के गांवों में बाढ़ आने की भी आशंका है।

अब आगे क्या?
मौसम केन्द्र जयपुर ने अब अगले दो दिन प्रदेश में बारिश का दौर थोड़ा धीमा पड़ने की संभावना जताई है। 13 अगस्त को अलवर, जयपुर, झुंझुनूं, सवाई माधोपुर, सीकर और टोंक जिले, जबकि 14 अगस्त को अलवर, भरतपुर और झुंझुनूं में बारिश का अलर्ट जारी किया है। 15 अगस्त से प्रदेश में फिर से तेज बारिश का दौर शुरू होगा और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के बांसवाड़ा, बूंदी, बारां, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, झालावाड़, कोटा, प्रतापगढ़, राजसमंद और उदयपुर जिलों में तेज बारिश हो सकती है।