पढ़ना-लिखना अभियान की समीक्षा

बीकानेर। जिला कलक्टर नमित मेहता की अध्यक्षता में हुई बैठक में जिला साक्षरता समिति बीकानेर के तत्वावधान में प्रारंभ हो रहे पढ़ना- लिखना अभियान की समीक्षा की गई।
बैठक में जिले के समस्त जिला शिक्षा अधिकारी एवं साक्षरता से जुड़े अधिकारी शामिल हुए।
मेहता ने कहा कि साक्षरता अभियान में प्रत्येक ब्लाॅक को आवंटित लक्ष्य के अनुसार मेचिग-बेचिग का कार्य अगले सप्ताह तक पूर्ण किया जाना होगा, उन्होंने कहा कि जिले में शीघ्र ही संदर्भ व्यक्ति, मास्टर ट्रेनर एवं स्वयंसेवकों के प्रशिक्षण आयोजित होने वाले हैं ।
मेहता ने कहा कि हमारे जिले को इस वर्ष 12000 असाक्षरों को साक्षर करने का लक्ष्य मिला है उसके अनुसार प्रत्येक ब्लाॅक को 1752 असाक्षरों को साक्षर करने का लक्ष्य दिया गया है, जिसमें सी- ग्रेड के परीक्षार्थी भी शामिल होंगे। श्रीडूगरगढ़ एवं लूणकरणसर खण्ड को छोड़कर शेष ब्लाॅक में 250 सी-ग्रेड के शिक्षार्थियों को साक्षर करने का लक्ष्य भी रखा गया है । उन्होंने कहा कि निरक्षरता उन्मूलन के लिए हम सबको सामुहिक प्रयास करने होंगे। मेहता ने निर्देशित किया की सभी सीबीओ मेचिग-बेचिग की सूचना तुरंत उपलब्ध करावे जिसमें एक वीटी दस असाक्षरों को साक्षर करने का लक्ष्य होना चाहिए । पढ़ना लिखना अभियान हमारे जिले के विकास के लिए महत्वपूर्ण अभियान है ।
जिला साक्षरता एवं सतत शिक्षा अधिकारी डॉ राजकुमार शर्मा ने कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर असाक्षरों को साक्षर करने का लक्ष्य निर्धारण ब्लॉक साक्षरता समिति करेगी एवं मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी अपने स्तर पर पंचायत की साक्षरता की स्थिति को देखते हुए लक्ष्य तय करें , उन्होंने कहा कि हमारे जिले को रोल मॉडल के रूप में स्थापित किया जाना चाहिए।
कार्यक्रम संयोजक एवं सहायक परियोजना अधिकारी राजेन्द्र जोशी ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप हमें निरक्षरता उन्मूलन के लिए महत्वपूर्ण कार्य करना होगा। इस वर्ष प्रारंभ होने वाले पढ़ना लिखना अभियान में असाक्षरों को साक्षरता के साथ- साथ व्यवसायिक शिक्षा से भी जोड़ा जाएगा। वोकेशनल एजुकेशन के तहत कृषि , पशुपालन, शुष्क बागवानी एवं स्थानीय उद्योग धंधे जो नवसाक्षरों की आय बढ़ाने में सहायक हो प्रशिक्षण दिया जाएगा । इसके लिए राज्य सरकार व्यवसायिक प्रशिक्षण देने वाले संस्थानों से बातचीत कर रही है। उन्होंने बताया जिले में 2392 सी-ग्रेड के शिक्षार्थियों की पहचान की गयी है, जिसमें 415 बीकानेर, 470 कोलायत, 465 खाजूवाला एवं 1040 नोखा-पांचू ब्लाॅक में है ।
कार्यशाला में अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक हेतराम सारण, कैलाश कुमार बडगूजर, श्रीकिसन श्रीडूगरगढ़ के धर्मपाल सिंह , पाँचू से अनुसुइया, खाजूवाला से रामप्रताप मीणा, नोखा से सुरेन्द्र दडिया, कोलायत से सविता अग्रवाल, लूणकरणसर से रेवंत राम पडिहार ने शिरकत की

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