दो माह में स्वच्छता पर होंगे करोड़ों खर्च

बीकानेर। प्रदेश के राजकीय विद्यालयों में आगामी दो माह में केवल स्वच्छता के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च होंगे। गत माह राज्य सरकार ने कम्पोजिट स्कूल ग्रांट की राशि आवंटित की थी, जिसके उपयोग को लेकर राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं। हालांकि इसमें भी दस प्रतिशत राशि स्वच्छता पर खर्च की जानी है और शेष नब्बे प्रतिशत राशि का उपयोग विद्यालय में उपयोगी सामग्री पर किया जाएगा। आगामी दो माह में राशि खर्च करने के साथ ही उपयोगिता प्रमाण-पत्र देना होगा। ऐसा नहीं करने वाले संस्था प्रधानों के खिलाफ समग्र शिक्षा अभियान की ओर से कार्रवाई की जाएगी।
ताकि स्वच्छता की आदत निर्मित हो
विद्यार्थियों में स्वच्छता की आदत निर्मित करने के उद्देश्य से भी स्वच्छता पर इतनी राशि खर्च हो रही है। आवंटित राशि से शौचालय-मूत्रालय की छोटी मरम्मत, बेकार पानी व सूखे कचरे का निस्तारण, कक्षा-कक्ष व विद्यालय परिसर में रखने के लिए कचरा पात्र, पेयजल स्रोत को ठीक करवाने आदि के कार्य स्वच्छता की श्रेणी में रखे गए हैं। जिन पर दस प्रतिशत राशि खर्च की जा सकेगी।
एडीपीसी से संस्था प्रधान तक दायित्व
कम्पोजिट स्कूल ग्रांट की राशि खर्च का सदुपयोग करने के लिए राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद ने समग्र शिक्षा अभियान के अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक, पंचायत प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी व संबंधित संस्था प्रधान की जिममेदारी तय की है, ताकि निर्धारित समय तक राशि का उपयोग हो सके।
अब तक उपयोग शुरू नहीं
राशि जारी हुए लगभग एक माह का समय हो चुका है लेकिन प्रदेश के शायद ही किसी विद्यालय में राशि का उपयोग शुरू हुआ है। गत वर्ष भी ऐसे मद में आवंटित राशि का उपयोगिता प्रमाण-पत्र 31 मार्च तक नहीं दिया गया था और इस बार भी ऐसा लगता है कि 31 मार्च तक राशि खर्च नहीं हो पाएगी। ऐसे में या तो राशि वापिस लौटानी पड़ेगी या फिर उपयोगिता प्रमाण-पत्र नहीं देने पर संस्था प्रधानों पर कार्रवाई की जाएगी।
फर्नीचर, उत्सव पर राशि खर्च नहीं
आवंटित राशि का उपयोग स्कूल में अन्य संसाधनों के लिए किया जा सकेगा, लेकिन छात्रों, प्रधानाचार्य/प्रधानाध्यापक, स्टाफ आदि के लिए फर्नीचर, जलपान, उत्सव मनाने एवं फोटोग्राफी आदि पर यह राशि खर्च नहीं की जा सकती। सामग्री खरीद के लिए स्कूल स्तर पर क्रय समिति का गठन करना होगा, जो सामग्री का मोलभाव करने के बाद ही क्रय करने की अनुशंसा करेगी। भुगतन की व्यवस्था एसएमसी अथवा एसडीएमसी के माध्यम से करनी होगी।
स्वच्छता के लिए बनाया एक्शन प्लान
राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद ने कम्पोजिट स्कूल ग्रांट की राशि में से दस प्रतिशत स्वच्छता पर खर्च करने के लिए एक्शन प्लान भी तैयार किया है। इसके तहत विद्यालयों में शौचालयों व मूत्रालयों का नियमित उपयोग व रखरखाव, साफ-सफाई, सफाई के लिए वांछित सामग्री, मिड-डे-मील से पूर्व शौचालय-मूत्रालय का उपयोग, विद्यार्थियों के हाथ धोने के लिए साबुन की व्यवस्था करनी होगी।

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