बीकानेर। संभागीय आयुक्त नीरज के. पवन ने कहा कि बीकानेर संभाग में ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से रूबरू करवाने वाले और देश प्रेम की भावना जागृत करने वाले अनेक महत्वपूर्ण स्थल हैं। जहां पर्यटन विकास की भी अपार संभावनाएं हैं। इन सभी स्थलों तक देशी-विदेशी पर्यटक पहुंचें, इसके मध्यनजर धार्मिक, सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक स्थलों का सम्भाग स्तरीय सर्किट निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि इस सर्किट में सभी धर्मों तथा चारों जिलों के प्रमुख स्थलों को जोड़ा गया है। आमजन के सुझावों के अनुरूप इन स्थलों की संख्या बढ़ाई जा सकेगी।
संभागीय आयुक्त ने सीएडी सभागार में संभाग स्तरीय धार्मिक, सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक स्थलों के सर्किट के उद्घाटन समारोह के दौरान यह बात कही। उन्होंने बताया कि इन स्थलों पर अधिक से अधिक लोग पहुंच सकें, इसे देखते हुए प्रत्येक जिले से इस सर्किट की यात्रा शुरू करने की रूपरेखा तैयार की गई है। इन सभी स्थानों के विजिट के लिए 4 दिनों का एक टूर प्रोग्राम भी प्रस्तावित किया गया है। उन्होंने बताया कि जल्दी ही दरबारी झील में पर्यटन के साथ मानसून टूरिज्म और डेजर्ट सफारी की संभावनाओं पर भी कार्य किया जाएगा।
इस दौरान महा निरीक्षक ओम प्रकाश, जिला कलक्टर भगवती प्रसाद कलाल, अतिरिक्त संभागीय आयुक्त ए एच गौरी, अतिरिक्त जिला कलक्टर (नगर) अरुण प्रकाश शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित कुमार, पर्यटन विभाग के उपनिदेशक भानू प्रताप, अतिरिक्त प्रादेशिक परिवहन अधिकारी जुगल माथुर, राजकीय डूंगर महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. जी.पी. सिंह, बीएसएफ के डिप्टी कमांडेंट डी.एस. शेखावत, देवस्थान विभाग की निरीक्षक सोनिया रंगा, टूरिस्ट व्यवसाय से जुड़े तेजवीर सिंह, भवानी सिंह, सचिन देव, अभय सिंह तथा पर्यटन विभाग के पवन शर्मा, योगेश राय आदि मौजूद रहे।
यह रूट किया प्रस्तावित
संभाग स्तरीय सर्किट के विजिट के लिए प्रस्तावित चार दिवसीय कार्यक्रम के पहले दिन पहले दिन भाण्डाशाह जैन मंदिर, लक्ष्मीनाथ मंदिर, हेरीटेज रूट की हवेलियां, जूनागढ़ फोर्ट, करणी माता मंदिर (देशनोक), मुकाम तथा चूरू के ताल छापर से सालासर भ्रमण किया जा सकता है। इसी तरह दूसरे दिन सालासर, इच्छा पूर्ण बालाजी सरदारशहर, ब्राह्मणी माता मंदिर पल्लू, गोगामेड़ी, गोगामेड़ी गोरक्षक टीला से हनुमानगढ़, तीसरे दिन हनुमानगढ़ से भटनेर दुर्ग, कालीबंगा, गुरुद्वारा बुड्ढा जोड़ साहिब, लैला मजनू की मजार से अनूपगढ़ तथा चौथे दिन अनूपगढ़ से सांचू बॉर्डर पोस्ट और माता मंदिर, श्रीकोलायत स्थिति कपिल मुनि मंदिर से कोडमदेसर होते हुए पुनः बीकानेर तक की यात्रा की जाएगी।