बीकानेर। एक ओर तो महिला दिवस पर राज्य सरकार महिलाओं के लिये बस में फ्री सफर के साथ साथ अनेक आयोजनों के जरिये महिला सशक्तिकरण की बातें करती है। वहीं दूसरी ओर बीकानेर में महिला दिवस पर महिलाओं की ओर से की गई शिकायत पर प्रशासन ने कोई ध्यान नहीं दिया। जिससे व्यथित महिलाओं ने प्रशासन को जमकर कोसा। जानकारी के अनुसार भैरव कुटिया पर होली को लेकर होने वाले कार्यक्रम को लेकर पिछले कई दिनों से सोशल मीडिया पर जंग छिड़ी हुई थी। जिसके बाद शहर के सजग नागरिकों ने जिला कलक्टर को इस बाबत लिखित शिकायत दी। लेकिन उनकी शिकायत पर प्रशासन ने कोई ध्यान नहीं दिया,बल्कि ये कहते हुए मामले से पल्ला झाड़ लिया कि आप आयोजको के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज करवा दें। वहीं आज महिलाओं ने महिला अतिरिक्त जिला कलक्टर से अपनी पीड़ा व्यक्त की और उन्हें यह आस थी कि आज महिला दिवस पर एक महिला अधिकारी उनकी शिकायत पर गौर करेगी। परन्तु न तो जिले के मुखिया और न ही महिला अधिकारी द्वारा उनकी बात सुनने से वे व्यथित होकर प्रशासन को जमकर कोस रही है। पीडि़त महिलाओं का कहना है कि एक ओर तो जिले के प्रशासनिक अधिकारी शहर में अपराध रोकने,भ्रष्टाचार व मुनाफाखोरी पर अंकुश लगाने के लिये रोज कार्यवाही का दिखावा कर वाही वाही लूट रहे है। लेकिन एक गंभीर विषय पर फैसला लेने से कतरा रहे है। इन महिलाओं ने अपना नाम न छापने की शर्ते पर बताया कि पुलिस प्रशासन भी अपराधियों में डर आमजन में विश्वास के स्लोगन से पीछे हट रही है।