अब शाला दर्पण पोर्टल पर होगी सभी स्कूलों की डिटेल

जयनारायण बिस्सा
बीकानेर। अब प्रदेश के प्रारंभिक और माध्यमिक शिक्षा के सभी 65 हजार स्कूलों की डिटेल अब  एक ही पोर्टल पर होगी। एनआईसी ने नए सिस्टम के तहत सभी सूचनाएं अब शाला दर्पण पोर्टल  पर शिफ्ट कर दी है। शिक्षा विभाग ने प्रारंभिक शिक्षा के वेबपोर्टल शाला दर्शन को बंद कर दिया  है। पिछले साल शिक्षा विभाग के ढांचे को नया रूप दिया गया था। इसके बाद प्रारंभिक और  माध्यमिक शिक्षा के स्कूलों के लिए अलग अलग पोर्टल से अधिकारियों को परेशानी हो रही  थी। एनआईसी ने समग्र शिक्षा अभियान का भी नया पोर्टल तैयार किया गया है।  शाला दर्पण के  नए पोर्टल के होम पेज को आकर्षक बनाते हुए इसको थ्री डी थीम पर तैयार किया गया है।  इसके होम पेज पर स्कूल, विद्यार्थी, शिक्षकों की संख्या होगी। साथ ही विभाग के निकलने वाले  आदेश हाथों हाथ अपडेट होंगे। इसके अलावा अधिकारियों को उनके पद के हिसाब से पोर्टल  पर काम करने का अधिकार होगा। वर्तमान में शिक्षा विभाग में माध्यमिक शिक्षा के लिए शाला  दर्पण और प्रारंभिक शिक्षा के लिए शाला दर्शन पोर्टल चल रहे थे। विभाग के नए ढांचे में संयुक्त  निदेशक, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी और पंचायत प्रांरभिक  शिक्षा अधिकारी के पद पर लगे शिक्षा अधिकारियों को प्रारंभिक और माध्यमिक दोनों स्कूलों  की मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी दी गई है। प्रारंभिक और माध्यमिक के अलग अलग पोर्टल से  अधिकारियों को किसी भी प्रकार की सूचना के लिए दो पोर्टल पर काम करना पड़ रहा था।  प्रदेश में नई सरकार के आते ही इस परेशानी को देखते हुए एक ही पोर्टल पर काम शुरू किया  गया। इसके बाद शाला दर्शन पोर्टल को बंद करते हुए इसकी सारी सूचनाएं शाला दर्पण पोर्टल  पर शिफ्ट करने का काम शुरू हुआ। यह काम अब लगभग पूरा हो चुका है। नए पोर्टल को  अधिकारियों के लिए सुविधाजनक बनाया गया है।
एजुकेशन संबंधित सूचनाएं देख सकेंगे
अब वे अपने लॉग इन से प्रारंभिक और माध्यमिक दोनों प्रकार की शिक्षा से संबंधित सूचनाएं  देख सकते हैं और मांगी गई जानकारी को अपलोड कर सकते हैं।
साल में 3 बार होगा सरकारी स्कूलों का निरीक्षण
गवर्नमेंट स्कूलों का अब साल में तीन बार निरीक्षण किया जाएगा। इसमें प्राथमिक, उच्च  प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर के स्कूल शामिल होंगे। हालांकि शिक्षा विभाग  की ओर से हर साल निरीक्षण पहले भी किया जाता रहा है, लेकिन यह पहला मौका होगा है जब  शिक्षा निदेशालय ने आदेश जारी कर इसे वृहद स्तर पर और पुख्तातौर पर करवाना तय किया है।
शिक्षण से लेकर संसाधन तक में होगा सुधार
निरीक्षण से शिक्षण कार्य में सुधारेगा। शिक्षण गुणवत्ता बढ़ेगी। अतिरिक्त कक्षाएं लगाने के लिए  प्रेरित करेंगे, रिजल्ट सुधारेगा। स्वच्छ भारत अभियान के तहत जागरूकता आएगी। मिड डे मील  व दूध वितरण व्यवस्था सुदृढ़ होगी। टीचर्स में आत्मविश्वास बढ़ेगा और जिम्मेदारी तय होगी।  संसाधनों के बारे में जानकारी मिलेगी तो काम पूरे करने में मदद मिलेगी।
ऑनलाइन जानकारी फीड करनी होगी
निरीक्षण अधिकारी को शालापोर्टल पर निर्धारित प्रपत्र में ऑनलाइन जानकारी देनी होगी।  अवलोकन पत्र ऑनलाइन भरने पर ही निरीक्षण की काउंटिंग होगी। प्रत्येक अधिकारी अपने  जिले ब्लॉक का निरीक्षण करेंगे। एक स्कूल का तीन बार अवलोकन होगा। अधिकारी द्वारा स्वयं  या कार्यालय के लॉग-इन आईडी से शालापोर्टल पर निरीक्षण का प्रपत्र भरा जाएगा।
अपडेट होंगे। इसके अलावा अधिकारियों को उनके पद के हिसाब से पोर्टल पर काम करने का  अधिकार होगा।

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