बीकानेर। शहर में सरकारी डिस्पेंसरियों में पिछले काफी दिनों से फार्मोस्टिों की कमी के कारण डिस्पेंसियों में स्थित दवाई की दुकानों पर हैल्पर दवाई देते नजर आयेंगे। इन हैल्परों के द्वारों दी गई दवा कभी भी हमारे लिए जानलेवा साबित हो सकती है। नियमों के अनुसार फार्मोस्ट दवाई दे सकता है हैल्पर नहीं लेकिन शहर की भुजिया बाजार डिस्पेंसरी नंब 2 जहां शहर के सभी लोग अपने इलाज के लिए आते है और रोजाना सरकारी ओपीडी 600 के करीब जाती है। लेकिन सरकार द्वारा खोली गई नि:शुल्क दवाई केन्द्रों पर हैल्परों को बैठा दिया है जिनको दवाई का पूरा ज्ञान हीं नहीं है लेकिन वो रोजाना 600 लोगों को दवाई देता है जो कभी भी किसी की मौत का करण बन सकता है।फार्मोस्टों की कमी है। सूत्रों से खबर मिली है कि जो फार्मोस्ट थे वह ज्यादात्तर बाहर जिलों के थे जिन्होंने अभी तबादल मेले में अपना तबादल अपने स्वयं के जिलों में करवा लिया है जिसके कारण प्राय: सभी डिस्पेंसरियों में फार्मोस्ट नहीं है। जो आम जन के लिए नुकसान दयाक है क्योंकि अगर किसी हैल्पर ने दवाई किसी को गलत दे दी तो उसकी जान भी जा सकती है। सरकार की लापरवाही आम आदमी की जान की बनी पड़ी है।
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