महिलाओं को मिली सौगात, अब मां के नाम से जारी हो सकेंगे कास्ट सर्टिफिकेट, पिता के नाम की बाध्यता खत्म

जयपुर। राजस्थान में अब एससी, एसटी, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस के कास्ट सर्टिफिकेट जारी करने में पिता के नाम की बाध्यता हटा दी गई है। सिंगल मदर के बच्चों को अब पिता की जगह मां के नाम से भी कास्ट सर्टिफिकेट जारी किया जा सकेगा। कैबिनेट की मंजूरी के बाद सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग ने मां के नाम से कास्ट सर्टिफिकेट जारी करने को लेकर सर्कुलर जारी कर दिया है।

नए प्रावधानों के मुता​बिक पारिवारिक झगड़ों, मनमुटाव और घरेलू हिंसा की वजह से पति से अलग रह रही महिलाएं जिनका तलाक नहीं हुआ है, महिला और उसके पति की जाति समान है। साथ ही कानूनी रूप से तलाकशुदा महिलाएं, जिनके पति और महिला की जाति एक ही है, ऐसी महिलाओं के बच्चों को उनकी मां के नाम से कास्ट सर्टिफिकेट जारी हो सकेंगे।

मां की जाति के आधार पर बनेंगे बच्चों के कास्ट सर्टिफिकेट
कास्ट सर्टिफिकेट अब तक पिता की जाति के आधार पर ही बनते आए हैं, लेकिन तलाशशुदा, विधवा और परित्यक्ता के मामलों में छूट दी जाएगी। सर्कूर के मुताहबक अब विधवा, परित्यक्ता महिला के बच्चों के मामले में मां की जाति के आधार पर भी कास्ट सर्टिफिकेट बनाने का प्रावधान किया गया है। ऐसी सिंगल मदर, जिनके बच्चों के पिता की कोई जानकारी नहीं है, न पिता की जाति के बारे में पता है। ऐसे मामलों में मां की जाति के आधार पर बच्चों के कास्ट सर्टिफिकेट बन सकेंगे।

आ​​र्थिक कमजोर वर्ग (EWS) के सर्टिफिकेट भी मां के नाम से
आ​​र्थिक कमजारे वर्ग ईडब्ल्यूएस के सर्टिफिकेट में इनकम की गणना सबसे बड़ा आधार होता है। ईडब्ल्यूएस के मामलों में तलाकशुदा महिला की इनकम के आधार पर बच्चों के इनकम सर्टिफिकेट जारी हो सकेंगे। ईडब्ल्यूएस की महिलाएं जो घरेलू झगड़ों के कारण पति से अलग रह रही हैं, उनकी आय में पति की आय जोड़ी जाएगी। जब तक तलाक नहीं होता तब तक उनकी आय में पति की आय जोड़ी जाएगी। उस आय के आधार पर ही इनकम सर्टिफिकेट जारी होंगे।

सरकारी नौकरी से लेकर स्कॉलरशिप और योजनाओं के फायदे के लिए कास्ट सर्टिफिकेट जरूरी
सरकारी योजनाओं का फायदा लेने, स्कॉलरशिप लेने और सरकारी नौकरी में आवेदन करने तक में कास्ट सर्टिफिकेट जरूरी होता है। कास्ट सर्टिफिकेट के आधार पर ही एससी, एसटी, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस का आरक्षण मिलता है। सिंगल मदर के बच्चों को कास्ट सर्टिफिकेट में पिता के नाम की बाध्यता के कारण बहुत दिक्कतें आती थीं। अब मां के नाम से कास्ट सर्टिफिकेट जारी होने से उन्हें आसानी होगी। सिंगल मदर के बच्चे अब आसानी से स्कॉलरशिप और सरकारी योजनाओं का फायदा लेने के साथ सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन कर सकेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *