दशहरे पर नहीं जलेंगे रावण, पटाखों पर रोक: बीकानेर में इस बार भी रावण दहन नहीं होगा, पटाखों पर रोक के कारण पिछले साल भी नहीं जला था रावण

 

बीकानेर, कोरेाना गाइडलाइन्स के चलते इस बार भी बीकानेर में रावण दहन का बड़ा आयोजन नहीं होगा। आमतौर पर दशहरे पर बीकानेर में चार बड़े रावण दहन आयोजन होते हैं लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा। पिछले साल भी रावण दहन कोरोना के कारण नहीं हो सका था।

डॉ. करणी सिंह स्टेडियम में सबसे बड़ा आयोजन होता है। जिसमें हजारों की संख्या में लोग रावण दहन देखने के लिए पहुंचते हैं। इसमें बच्चों की संख्या सर्वाधिक होती है। इसके अलावा सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज के मैदान में भी रावण दहन होता है। यहां भी भारी संख्या में लोग आते हैं। गंगाशहर-भीनासर में वर्षों से रावण दहन हो रहा है, वहीं कुछ साल पहले धरणीधर मैदान पर भी रावण दहन शुरू किया गया। इन चारों स्थानों पर इस बार बड़े स्तर पर रावण दहन का कार्यक्रम नहीं होगा।

नहीं हुई कोई मीटिंग

आमतौर पर दशहरा से पहले बीकानेर कलक्टरी परिसर में आयोजकों की मीटिंग होती है। जिसमें दशहरा आयोजन के लिए आर्थिक सहायता भी दी जाती है। इस बार न तो ये मीटिंग हुई और न ही सहायता राशि वितरण का कार्यक्रम हुआ। आमतौर पर करणी सिंह स्टेडियम और मेडिकल कॉलेज ग्राउंड पर आयोजन के लिए ही प्रशासन आर्थिक सहायता देता रहा है।

पटाखों पर है रोक

बड़े स्तर पर रावण दहन नहीं होने का एक कारण ये भी है कि इस बार राज्य सरकार ने पटाखों की खरीद व बेचने पर रोक लगा रखी है। ऐसे में रावण दहन में उपयोग होने वाले पटाखे भी उपलब्ध नहीं हो रहे। बीकानेर में इस बार पटाखों की दुकान के लिए लाइसेंस भी नहीं दिए जा रहे हैं। आमतौर पर सौ से ज्यादा दुकानों को लाइसेंस दिए जाते हैं लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा।

रोक के बाद भी छूटे पटाखे

पिछले साल भी पटाखों पर रोक थी लेकिन इसके बाद भी जमकर आतिशबाजी हुई थी। तब तो लोगों के पास स पिछले साल के बचे हुए पटाखे काम आ गए थे लेकिन इस बार भी ऐसा ही होता नजर आ रहा है।

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