राजस्थान विधायकों में टिकट काटने पर चढ़ा बुखार

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बीकानेर। सत्ता को बरकरार रखते हुए कांग्रेस को चुनाव मैदान में दोबारा पटखनी देने के लिए रणनीति बना रही भाजपा के भीतर छत्तीसगढ़ के रिएक्शन से बुखार चढ़ गया है मौजूदा विधायकों के टिकट काटने पर छत्तीसगढ़ में मचे बवाल से सतर्क पार्टी ने राजस्थान में दूसरी रणनीति पर काम शुरू कर दिया है जिससे विधायकों और उनके समर्थकों की तरफ से कोई विरोध सामने नहीं आए। चुनाव के मैदान में उतर चुकी भाजपा के सामने इस बार एंटी इंकंबेसी के बीच अपनी सत्ता को बचाए रखने की बड़ी चुनौती है। उपचुनाव के बाद से अब तक पार्टी स्तर पर किए गए सर्वे और दौरों के दौरान कई विधायकों के खिलाफ नाराजगी सामने आ चुकी है। साथ ही इनकी परफोर्मेंस भी बेहतर नहीं मिली है।

वहीं, हाल में रणकपुर और जयपुर में सभी सीटों पर हुई रायशुमारी के दौरान आधा दर्जन से अधिक मंत्रियों के साथ ही करीब डेढ़ दर्जन विधायकों के खिलाफ कार्यकर्ता और स्थानीय संगठन पदाधिकारियों ने मोर्चा खोल दिया है। राज्य में बने एंटी इंकंबेसी को कम करने के लिए पार्टी ने अंदरखाने कई विधायकों के टिकट कटने के संकेत दे दिए है। इस संबंध में पार्टी के प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना और प्रदेशाध्यक्ष मदनलाल सैनी भी स्पष्ट रूप से कह चुके हैं कि जिनकी परफोर्मेंस खराब है उनके टिकट कटेंगे।

इसके बाद से माना जा रहा है कि राजस्थान में इस बार करीब 40 से 50 फीसदी विधायकों के टिकट कट सकते हैं. लेकिन, इससे पहले छत्तीसगढ़ में पार्टी स्तर पर जारी की गई प्रत्याशियों की सूची के दौरान 78 सीटों में से 14 विधायकों के टिकट काटने पर बवाल मच गया। इन विधायकों के समर्थकों ने जमकर हंगामा किया। इसके बाद से राजस्थान में विधायकों में बुखार चढ़ गया है। इससे सतर्क हो चुके पार्टी के पदाधिकारियों ने अब उन विधायकों को पहले संदेश देकर विश्वास में लेगा, जिनके टिकट काटे जाने हैं। जिससे उनके समर्थकों की तरफ से कोई विरोध सामने नहीं आए। वहीं, उन विधायकों को सरकार बनने पर बड़ी जिम्मेदारी मिलने को लेकर भी आश्वासन देते हुए चुनाव में पूरे मन से सहयोग करने के लिए भी कहा जाएगा।

गौरतलब है कि चुनाव के मैदान में जीत हासिल करने के लिए भाजपा के स्तर पर जिताऊ प्रत्याशियों के चयन को लेकर मशक्कत जारी है। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सहित चुनाव प्रबंधन समिति के सदस्यों ने मिलकर दो चरणों में 200 सीटों पर रायशुमारी का काम पूरा कर लिया है। इसमें सामने आए दावेदारों के नाम पर कोर कमेटी की बैठक में मंथन किया जा रहा है. इसके बाद पैनल बनाकर सूची दिल्ली भेजी जाएगी।

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