रोडवेज

जयपुर/बीकानेर। परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास, रोडवेज कर्मचारी संगठनों के साथ हुई बैठक के बाद रोडवेज के अच्छे दिन आने की उम्मीदें जगने लगी हैं।

बैठक में रोडवेजकर्मचारियों ने अपनी समस्याएं और मांगे परिवहन मंत्री को बताई, जिस पर परिवहन मंत्री का पॉजिटिव रेस्पॉन्स रहा।

जानकारी के मुताबिक बैठक में रोडवेज को कैसे पटरी पर लाया जाए और कर्मचारियों की मांगों को कैसे हल किया जाए, इन मुद्दों पर चर्चा की गई। कर्मचारियों ने कहा कि सरकारी बस स्टैंड के पास से लोक परिवहन बसों को हटाया जाए तो रोडवेजकी 10 फीसदी आय बढ़ जाएगी और 1400 पुरानी कंडम बसों की जगह नई बसें खरीदी जाए।

कर्मचारियों ने अधिकारियों पर भी जमकर निशाना साधा। कर्मचारियों ने कहा कि अगर रोडवेजका कर्मचारी किसी प्रकार का कोई गलत काम करता है तो वह अधिकारियों के लिए ही करता है।

रोडवेजके चालक परिचालक जो पैसा लाता है वह अधिकारियों के लिए लाता है लेकिन कर्मचारियों को ही चोर घोषित कर दिया जाता है। कर्मचारियों ने कहा कि चालक, परिचालक अपने लिए नहीं बल्कि चीफ मैनेजर के लिए चोरी करता है अगर वह चोरी नहीं करे तो उसका ट्रांसफर दूरदराज कर दिया जाता है।

रोडवेजकर्मचारियों ने मीटिंग में परिवहन मंत्री को बताया कि 1166 परमिट पर तीन हजार बसें अवैध रूप से चलाई जा रही है। जिससे रोडवेजको नुकसान हो रहा है। कर्मचारियों ने कहा कि बिना परमिट वाली बसों पर पाबंदी लगनी चाहिए। रोडवेजमें काफी समय से भर्तियां नहीं हुई है अब रोडवेज में भर्तियां भी होनी चाहिए।

रोडवेजकर्मचारियों ने परिवहन मंत्री से कहा कि लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लगने से पहले रोडवेज के लिए कुछ अच्छा होना चाहिए। जिससे सभी को विश्वास हो जाए कि यह सरकार रोडवेजको जल्द से जल्द सुधारेगी और रोडवेजके कर्मचारी की समस्याओं का भी शीघ्र समाधान करेगी।