अभी भी खरीद केन्द्रों पर पड़ी हजारों क्विंटल मूंगफली

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बीकानेर। हजारों क्विंटल मूंगफली आज भी खरीद केन्द्रों पर खुले में पड़ी है। जबकि समर्थन मूल्य पर खरीद को बंद हुए 21 दिन बीत गए। इसके बावजूद स्थान अभाव में मूंगफली का समय पर उठाव नहीं हो पाया है। जिसके चलते मौसम के बनते-बिगड़ते मिजाज के चले कभी भी होने वाली बारिश से मूंगफली के खराब होने की आशंका है। जानकारी के मुताबिक अकेले बीकानेर के कृषि मंडी के बारह बीघा खरीद केन्द्र पर मूंगफली की तकरीबन 35000 बोरियां खुले में पड़ी हुई है।
समय पर उठाव नहीं
लगभग सभी खरीद केन्द्रों पर अभी भी सरकार की ओर से खरीदी गई मूंगफली पड़ी हुई है तथा रोजाना मूंगफली के पांच-सात ट्रक ही खारा स्थित भण्डारगृह पहुंच रहे है। एक ट्रक में अधिकत्तम 600 बोरियां तथा एक बोरी में 35 किग्रा मूंगफली होती है। जानकारों की माने तो खारा स्थित गोदाम में जगह नहीं होने के कारण जैसे-जैसे माल (अन्य जिंसों) उठ रहा है। वैसे-वैसे जगह हो रही है। उसी के हिसाब से खरीद केन्द्रों से मूंगफली इन गोदामों में पहुंच रही है।
सात-आठ दिन और लगेंगे
जानकारी के मुताबिक बीकानेर के 12 बीघा, गौण मंडी, नापासर, बज्जू सहित सभी खरीद केन्द्रों पर खरीदी गई मूंगफली का समय पर उठाव नहीं होने के कारण खुले में पड़ी हुई है। इन खरीद केन्द्रों पर पड़ी मूंगफली या मूंगफली की बोरियां तथा उनमें मूंगफली की मात्रा का अंदाजा इस बात से सहज ही लगाया जा सकता है कि अभी भी इन खरीद केन्द्रों पर पड़ी मूंगफली को गोदाम तक पहुंचने में तकरीबन सात से आठ दिन का समय और लग जाएगा।
तो होगा नुकसान!
किसानों से खरीद की गई मूंगफली को सुरक्षित रखने के लिए कई खरीद केन्द्रों पर तो शैड तक की व्यवस्था नहीं है। बारह बीघा, नाापासर, गौण मंडी आदि कई खरीद केन्द्र ऐसे है। जहां बारिश होने पर इनकी सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं है। 20 फरवरी को भी बारिश हुई थी और गुरुवार को भी मौसम में बदलाव नजर आया। यदि ऐसे में कभी भी अच्छी बारिश हुई तो सरकार को करोड़ों रूपए का नुकसान उठाना पड़ सकता है।
नमी का भी पड़ेगा असर
मौसम के मिजाज के चलते गुरुवार सवेरे कोहरे तथा तापमान में गिरावट के चलते वातावरण में बढ़ी नमी से भी बोरों में बंद मूंगफली पर असर पड़ेगा। ऐसी आशंका जताई जा रही है। इसके चलते सरकार व खरीद एजेंसी को मूंगफली को सुरक्षित रखने के लिए कई प्रकार के जतन करने पड़ रहे है। किंतु जोरदार बारिश हुई तो खुले में पड़ी मूंगफली फिर भी नहीं बच पाएंगी।
उठाव की गति धीमी
हालांकि व्यवस्था के हिसाब से खरीद केन्द्रों पर पड़ी मूंगफली का उठाव हो रहा है। किंतु मौसम के बनते-बिगड़ते मिजाज को देखते हुए समय पर मूंगफली को उठाव को लेकर अतिरिक्त भण्डारण किए जाने की आवश्यकता है। समय पर उठाव नहीं होने से श्रमिक, ठेकेदार, एजेंसी सभी को परेशानी हो रही है।
इनका कहना है…
‘खरीद केन्द्रों से मूंगफली का उठाने का काम चल रहा है। केन्द्रों पर पड़ी मूंगफली को मौसम आदि से बचाने के लिए मौके पर तिरपाल आदि की व्यवस्था की गई है।Ó
नवरंगलाल विश्नोई, उप रजिस्ट्रार, सहकारी समिति

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